जालौर, 16 सितंबर 2026। जालौर नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव को लेकर बुधवार को राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई। सभापति पद के लिए भाजपा ने वार्ड संख्या 33 से निर्वाचित पार्षद जयसिंह चंपावत को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं कांग्रेस ने बंशीलाल माली को मैदान में उतारा है। दोनों ही पहली बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं।
नगर परिषद के चुनाव परिणामों में कांग्रेस को 40 में से 19 सीटें, भाजपा को 14 सीटें मिली हैं, जबकि 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। ऐसे में सभापति पद के चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा ने जयसिंह चंपावत पर जताया भरोसा
भाजपा की ओर से सभापति पद के लिए वार्ड 33 के पार्षद जयसिंह चंपावत ने आवेदन किया। बताया गया है कि पार्टी की ओर से उनके नाम का ही सिंबल जारी किया गया।
जयसिंह चंपावत रोडवेज से सेवानिवृत्त हैं। इससे पहले वर्ष 1998 में उन्होंने आहोर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। अब नगर परिषद चुनाव में पार्षद निर्वाचित होने के बाद भाजपा ने उन्हें सभापति पद के लिए प्रत्याशी बनाया है।
सभापति पद की दौड़ में भाजपा के भीतर श्रीकांत भूतड़ा और नितिन सोलंकी सहित अन्य नामों की भी चर्चा होने की बात सामने आई थी, लेकिन अंततः पार्टी ने जयसिंह चंपावत के नाम पर भरोसा जताया।
कांग्रेस ने बंशीलाल माली को बनाया प्रत्याशी
कांग्रेस की ओर से सभापति पद के लिए शोभा सुंदेशा, मुमताज अली और बंशीलाल माली के आवेदन करवाए जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि अंतिम रूप से पार्टी ने बंशीलाल माली के नाम पर सिंबल जारी किया।
बंशीलाल माली वार्ड संख्या 25 से कांग्रेस के पार्षद निर्वाचित हुए हैं। वे पेशे से अधिवक्ता हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े होने की बात कही गई है। वर्ष 2019 में भी उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ा था, हालांकि उस समय उन्हें जीत नहीं मिली थी।
निर्दलीय पार्षदों पर टिकी नजर
कांग्रेस के पास 19 पार्षद हैं, जबकि सभापति पद के चुनाव में बहुमत के लिए 21 का आंकड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा के पास 14 पार्षद हैं। ऐसे में दोनों दलों के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अहम हो गया है।
इसी वजह से चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। निर्दलीय पार्षद किस ओर जाते हैं, यह सभापति चुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चाएं
कांग्रेस में सभापति पद के उम्मीदवार को लेकर अंतिम समय तक कई नामों पर विचार किए जाने की चर्चा रही। बंशीलाल माली के नाम पर सिंबल जारी होने के बाद पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर अलग-अलग चर्चाएं भी सामने आई हैं।
हालांकि कांग्रेस के भीतर वास्तविक स्थिति और पार्षदों की अंतिम रणनीति का पता मतदान के दौरान ही स्पष्ट होगा।
तकनीकी स्थिति बनी तो शोभा सुंदेशा का नाम विकल्प में
जानकारी के अनुसार, यदि बंशीलाल माली का नामांकन किसी तकनीकी कारण से स्वीकार नहीं होता है तो कांग्रेस की ओर से वैकल्पिक उम्मीदवार के तौर पर शोभा सुंदेशा का नाम सामने रखा गया है। अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया की जांच और निर्वाचन प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं से बढ़ी राजनीतिक हलचल
सभापति चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों के सामने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है। राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि वास्तविक मतदान किस तरह होता है, इसका पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही चलेगा।
जालोर की राजनीति में दोनों पक्षों के लिए अहम चुनाव
इस चुनाव को जालोर की स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की ओर से जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग की राजनीतिक भूमिका पर भी नजर रहेगी, जबकि कांग्रेस की ओर से पुखराज पाराशर के लिए भी नगर परिषद में पार्टी के सभापति प्रत्याशी को लेकर चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें निर्दलीय पार्षदों के रुख, पार्षदों की एकजुटता और मतदान के दिन सामने आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं। जालोर नगर परिषद का सभापति कौन बनेगा, इसका फैसला मतदान और मतगणना के बाद ही होगा।