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सिरोही | सालों से जमे झोलाछाप डॉक्टरों पर कब होगी सख्त कार्रवाई?

कार्रवाई के बावजूद फिर खुल जाते हैं क्लिनिक, जिम्मेदारी को लेकर विभागों में खींचतान के आरोप
प्रकाशित: 18-09-2026 01:01 PM   |   SIROHI JALORE NEWS
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सिरोही | सालों से जमे झोलाछाप डॉक्टरों पर कब होगी सख्त कार्रवाई?
पिण्डवाड़ा | सिरोही। सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील सहित विभिन्न क्षेत्रों में कथित रूप से बिना आवश्यक चिकित्सकीय पात्रता या वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे झोलाछाप क्लिनिकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि कई ऐसे क्लिनिक लंबे समय से संचालित हैं और कार्रवाई के बावजूद कुछ स्थानों पर दोबारा गतिविधियां शुरू हो जाती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे क्लिनिकों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन प्रभावी और स्थायी कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण एवं आमजन के स्वास्थ्य और उपचार की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया—कार्रवाई ब्लॉक स्तर से होगी

इस मामले को लेकर सिरोही जालौर न्यूज़ की ओर से जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी से बात की गई। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी स्तर से की जाएगी।

इसके बाद पिण्डवाड़ा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह से इस संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ पूर्व में भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। उनका कहना था कि कार्रवाई के बाद कुछ लोग अगले ही दिन दोबारा अपने क्लिनिक पर बैठ जाते हैं।

डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, सभी अवैध क्लिनिकों को सील करने की कार्रवाई अकेले ब्लॉक स्तर पर संभव नहीं है और इसके लिए जिला प्रशासन, कलेक्टर एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

सवाल—कार्रवाई के बाद भी समस्या खत्म क्यों नहीं होती?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है, तो इसके बावजूद ऐसे क्लिनिक दोबारा कैसे संचालित हो जाते हैं?

क्या केवल कार्रवाई कर देना पर्याप्त है, या फिर कार्रवाई के बाद उनकी लगातार निगरानी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई भी जरूरी है?

ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए यह भी सवाल उठता है कि योग्य नर्सिंग एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं को रोजगार और प्राथमिकता देने की दिशा में प्रशासन की क्या योजना है?

अब जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

सिरोही जिले में झोलाछाप क्लिनिकों को लेकर सामने आ रही शिकायतों और अधिकारियों के बयानों के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन एवं संबंधित चिकित्सा विभाग पर हैं।

सिरोही जालौर न्यूज़ का सवाल सीधा है—
यदि अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, तो फिर दोबारा संचालन रोकने की स्थायी व्यवस्था कब होगी?

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन, चिकित्सा विभाग एवं संबंधित अधिकारी मिलकर ऐसे क्लिनिकों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाते हैं और पिण्डवाड़ा सहित सिरोही जिले में इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण कब तक हो पाता है।

सिरोही जालौर न्यूज़ लगातार जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखता रहेगा।
💬 Comments (2)
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Rupa ram 18-09-2026 06:13 PM
इस झोलाछाप ने लोगों को लूट कर काछोली गांव मे खुद का घर और जमीने भी बनाली है
Devaram 18-09-2026 06:09 PM
काछोली बंगाली डॉक्टर लोगों का सोसन कर रहा है इसके पास क्या पता कितने लडके आके गये और ये अपने याह से लोडको को सीखा कर दूसरे गांव मे अपना नेटवर्क और धंधा बढ़ा रहा है ऐसे झोलाछाप पर सख्त कारवाई होनी चाहिए